Boycott of Chinese products in India-क्या चायनीज़ प्रोडक्ट का बहिष्कार करना संभव है?

दोस्तों आज का हम Boycott of Chinese products in India in Hindi के ऊपर बात करने वाले है।आप तो जानते है की भारत और चीन में पिछले कुछ सालो से बॉर्डर पर ख़राब हालात चल रहे है और चीन अपनी ताकद का गलत इस्तमाल करके दूसरे देशो पर राज करने की फ़िराक में है।

चीन की इसी नापाक इरादों के कारण पूर्वी लडाख के बॉर्डर पर भारत और चीन के बिच इसी तनाव भरे माहोल में दोनों के बिच खुनी लड़ाई हुई जिसमे भारत के 20 से ज्यादा सैनिक शहीद होगए।जिसकी वजह से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लढ रही है वही चीन इस महामारी पर कोई उपाय निकालने की जगह दुनिया पर अपना हक ज़माने की सोच रहा है।

Boycott Kya Hai :-बॉयकॉट का हिंदी में मतलब बहिष्कार होता है। 

तबसे भारत ने सोशल मीडिया के माध्यम से Boycott of Chinese products in India यानी चीनी प्रोडक्ट का बहिष्कार करने की मोहिम शुरू की।लोग वाट्सएप्प,फेसबुक,ट्विटर और सभी सोशल मीडिया प्लटफॉर्म पर चायनीज़ प्रोडक्ट को बैन करने की बाते कर रहे है।इतनाही नहीं लोगो ने अपना घुस्सा दिखाते हुए सोशल मीडिया पर अपने घर में रहने वाले चायनीज़ सामान जैसे LED TV,Camera और Mobile तक तोड़ने के वीडियो पोस्ट की है।

मुझे पता है आप भारत के हित और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के बारे मे सोच रहे हो जिससे चायनीज़ सामान भारत में Import होना बंद होजाए और वो पैसे चीन को ना जाकर भारत में ही रहे।

पर क्या दोस्तों आपने कभी सोचा है की चायनीज़ सामान इंडिया में बैन करना क्या इतना आसान है? क्या भारत इन सभी प्रोडक्ट को बनाने के लिए अभी तैयार है ?तो मैं कहूंगा की यह 100% Possible नहीं है।अब आपको मेरी इस बात का बुरा भी लगा होगा पर यही अभी वास्तविक स्तिथि है।

अभी आपके मन में यह सवाल आया होगा की चायनीज़ प्रोडक्ट का बहिष्कार करना क्यों मुश्किल है और हम इन चायनीज़ प्रोडक्ट को कैसे Avoid कर सकते है? तो दोस्तों आगे हम इसपर डिटेल में बात करने वाले है इसलिए इस पोस्ट को पूरा पढ़े जिससे आपसे कोई महत्वपूर्ण जानकारी ना छूट जाए।

Boycott of Chinese products in India in Hindi – भारत और चीन के बिच व्यापार संबंध कैसे है?

Boycott of Chinese products in India

दोस्तों इतना बड़ा Decision लेने से पहले हम इंडिया और चीन के बिच ट्रेड रिलेशन कैसे है वो जान लेते है।अगर भारत और चीन के ट्रेड रिलेशन यानी उत्पादन की आयात और निर्यात की बात करे तो २०१८-१९ में भारत ने चीन से 70 Billion Doller का सामान इम्पोर्ट किया था वही १६ बिलियन डॉलर का माल चीन में एक्सपोर्ट किया था।उसमे सबसे ज्यादा इम्पोर्ट की जानेवाले प्रोडक्ट की बात करे तो 76% Smart Phone और 70% मेडिसिन थी।

इससे आप अंदाजा लगा सकते है की भारत चीन के ऊपर कितना निर्भर करता है और यदि अब हम चायनीज़ प्रोडक्ट बॉयकॉट करेंगे तो इन प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग भारत में करना संभव नहीं है क्योकि यह Manufacturing Machine भारत में उपलब्ध नहीं है और यह मशीन बहुत ज्यादा Costly है।

अभी यदि हम चायनीज़ प्रोडक्ट खरीदना बंद करते है तो उससे उल्टा हमें ही नुकसान होगा चायना को नहीं।इसे एक उदाहरण से समझते है मानलीजिए अगर आप एक ही Grocery दुकान से हमेशा सामान खरीदते हो क्योकि वो आपको बाकि दुकानो से कम कीमत में बेच रहा है और अगर आप किसी कारण उसी दुकान के सामान को बॉयकॉट करने की सोच रहे हो यानी उससे सामान खरीदना बंद करदो तो उससे उसका कोई नुकसान नहीं होगा वो तो किसी और को सामान बेचकर पैसे कमा लेगा पर आपको वही सामान खरीदने के लिए दूसरे दुकान पर ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। वैसे ही भारत और चीन की अभी Situation है।

दोस्तों हमारा भारत डेवलपमेंट में बहुत तरक्की कर चूका है।पर अभी वो चीन जितना प्रोडक्शन नहीं बना सकता उसके लिए हमें पहले थोड़ा समय देना पड़ेगा क्योकि चीन को भी पूरी दुनिया के मार्केट में अपने प्रोडक्ट सप्लाई करने के लिए १५ साल से ज्यादा का समय लग गया।

इसीलिए जब भारत खुद इन प्रोडक्ट को manufacture करने के लिए prepared होजाएगा और raw material बनाने के लिए सभी मैन्युफैक्चरिंग रिसोर्सेज भारत में उपलब्ध होंगे तब हम धीरे धीरे चायनीज़ वस्तु का इस्तमाल करना बंद कर सकते है। उससे हमारे देश का पैसा हमारे ही देश में डेवलपमेंट के लिए इस्तमाल होगा।

भारत क्यों चीन से इतना माल खरीदता है?

दोस्तों कोई भी देश तभी दूसरे देश से कोई व्यापर करता है जब उस देश में या तो उस प्रोडक्ट की Manufacturing नहीं होती या कोई देश किसी प्रोडक्ट को Cheap रेट में बेच रहा है।यही कारण है की भारत चीन से व्यापार करता है क्योकि जो चीज भारत में Manufacture करने के बाद 100 रुपए की मिलती है वही चीज चीन सिर्फ ५० रुपए में बेचता है।

क्योकि चीन  किसी प्रोडक्ट को बनाने के लिए उसे लगने वाला  Raw Material खुद  Manufacture करता है उन्हें किसी मटेरियल को दूसरे देशो से इम्पोर्ट नहीं करना पड़ता जिससे चीन को उस प्रोडक्ट को बनाने में बहुत कम खर्चा आता है और चीन बाकि देशो के लोकल मार्केट से कम प्राइज में उस प्रोडक्ट को बेचता है। इसलिए भारत और बाकि देशो के मार्केट में चीनी प्रोडक्ट ज्यादा मात्रा में देखने को मिलते है।  

भारत क्यों चीन जैसे प्रोडक्ट कम किमत(Cheap Rate) में मैन्युफैक्चर नहीं कर सकता?

ये सवाल आपके मन में भी जरूर आया होगा की क्यों भारत को चीन पर इतना डिपेंड रहना पड़ता है।सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया में लगभग सभी देशो में China का माल Export होता है इसीलिए तो चीन को world Largest Trading Company कहा जाता है।

2019 में चीन ने कुल 31.55 ट्रिलियन यौन का प्रोडक्शन इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट किया।चीन ने दुनिया के करीब १३% से ज्यादा मार्केट पर अपना कब्ज़ा किया है और इस वैश्विक व्यापार निर्यात में चीन का Growth Rate हर साल कही प्रतिशत बढ़ रहा है। 

तो दोस्तों क्यों भारत चीन से कम किमत में प्रोडक्ट नहीं बना सकता?आखिर क्या कारण है की हमें चीन से इतनी भारी मात्रा में सामान इम्पोर्ट करना पड़ता है?

1.Labour Cost :-

इसका सबसे बड़ा कारण है की चीन में Raw मटेरियल बनाने और टेक्निकल काम के लिए कम labour Cost में काम करने वाले लोग आसानी से मिल जाते है।इसलिए उन्हें किसीभी प्रोडक्शन निर्माण के लिए ज्यादा खर्चा नहीं लगता।वही इंडिया की बात करे तो हमारा देश वर्ड का दूसरा सबसे बड़ा पापुलेशन वाला देश है।

पर यहाँ Literacy Rate चीन के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए इंडिया में हमें Non-Technical काम के लिए कम कीमत में तो लोग मिल जायेंगे पर टेक्निकल कामो के लिए यहाँ Labour Cost ज्यादा देनी पड़ती है क्योकि इंडिया में Educated Labour की संख्या बहुत कम है।  

2.Productivity Growth :-

दोस्तों किसी भी प्रोडक्ट को बनाने के लिए लगने वाला Raw Material china में Domestic लेवल पर मिल जाता है जिससे उन्हें बहार से कोई भी सामान इम्पोर्ट नहीं करना पड़ता और इसलिए चीन भारी मात्रा में अपना प्रोडक्शन बढ़ाता है जिससे हर साल चीन में बाकि देशो के मुकाबले ज्यादा प्रोडक्टिविटी ग्रोथ देखने को मिलती है।

और ज्यादा प्रोडक्शन होने के कारण उससे उनकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बहुत कम होजाती है।वहीं इंडिया की बात करे तो इंडिया में किसी इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट या दूसरे किसी प्रोडक्शन के लिए Raw Material बहार से इम्पोर्ट करना पड़ता है जिससे उस प्रोडक्ट की कॉस्ट Increase होती है और यदि कोई Raw Material बनता भी होगा भारत में तब भी उसका खर्चा ज्यादा होने के कारन किसी भी कंपनी को उस रॉ मटेरियल को अपने प्रोडक्ट को बनाने के लिए खरीदना मुश्किल होता है। 

3.Dumping Strategy :-

चीन में सभी चीजे मैनूफैक्चर और लेबर कॉस्ट कम होने के कारण उन्हें किसी उत्पाद को बनाने के लिए कम लागत लगती है इसी मौके का फायदा लेकर चीन बाकी देशो के लोकल मार्केट में मिलने वाले सामान को बहुत ही कम भाव में बेचता है।

इसका हम एक उदाहरण लेते है जब इंडिया में एक लाइटिंग की कीमत ७० से ८० रुपए होती थी तब चीन ने उसी लाइटिंग को लांच किया जिसकी कीमत सिर्फ 25 से ३० रुपए रखी जिससे लोगो को वही प्रोडक्ट चीप रेट में मिल गया और वो वही खरीदने लगे।उससे इंडिया में लाइटिंग की मैन्युफैक्चरिंग करने वाली फैक्ट्री को लॉस में जाकर कंपनी बंद करनी पड़ी।

चीन हमेशा चीप रेट में माल देकर यही strategy यूज़ करता है जीससे दूसरे देशो के कंपनी बंद करके खुद उस मार्केट पर राज करके वहांकी इंडस्ट्री को कण्ट्रोल कर सके।अभी चीन भारत में सोलर पैनल,कैलकुलेटर,नायलॉन की डूम्पिंग कर रहा है। 

क्या आप जानते है चीन को कॉपीकैट भी कहा जाता है क्योकि चीन कभी इनोवेशन में ज्यादा खर्च नहीं करता वो वही प्रोडक्ट बनाता है जो दूसरे देशो में बनता है। मतलब अगर इंडिया में नयी कार लांच हुई तो चीन भी उसी टेक्नोलॉजी को चुराके वही कार सस्ती दर में मार्केट में लाएगा।शायद आपको पता नहीं होगा की चीन में गूगल,यूट्यूब,ऐमज़ॉन और फेसबुक को बैन किया गया है।

चीन ने इन्ही टेक्नोलॉजी को चुराके इनके Alternative यूट्यूब की जगह Youku,ऐमज़ॉन की जगह alibaba,गूगल की जगह बायडू सर्च इंजन और फेसबुक की जगह weibo यूज़ होता है। जिससे उनका डाटा उनके ही देश में सेफ रहे और दूसरे किसी भी कंपनी को कोई फायदा ना हो सके।चीन के इसी Incidious Mind की वजह से आज वो सबसे बड़ा Production Manufacture करने वाला देश है। 

क्या इंडिया में स्मार्ट फ़ोन बनाना संभव है ?

दोस्तों मैंने सोशल मीडिया और यहातक की मुझे भी अपने वाट्सएप पर बहुत मैसेज पढ़ने को मिले की इंडिया ने चीन से स्मार्ट फ़ोन इम्पोर्ट करना बंद करके भारत में manufacture करना चाहिए। तो में आपके इस बात से पूरी तरह से सहमत हूँ। क्योकि ऐसा हुआ तो भारत की इकॉनमी और ज्यादा मजबूत होगी।

पर अभी भी यही सवाल है की Can India Manufacture Smart Phone Or Mobile in India? Is it Possible?

चलिए अब हम थोड़ा Practically सोचते है मोबाइल को बनाने के लिए जरूरी होते है उसके Component जैसे Motherboard,प्रोसेसर,चिप और डिस्प्ले। पर यह सभी component इंडिया में manufacture नहीं होते। क्या होगा इसका कारण?

तो दोस्तों इन components को चीप रेट में बनाने के लिए लिथोग्राफ मशीन की आवश्यकता होती है जिसकी एक मशीन की कीमत बिलियन डॉलर में होती है जो भारत के लिए Affordable नहीं है।

पर चायना इन मशीन को खरीदने के लिए बहुत ज्यादा पैसा इन्वेस्ट करता है चीन ने ऐसे 7 से ज्यादा मशीन को खरीदकर बड़ी फैक्ट्री खड़ी की है इसलिए चीन की कंपनी स्मार्टफोन इतने कम दामों में बनाकर बेचती है जैसे Vivo,oppo,Xaomi आदि।पर यह मशीन इंडिया में एक भी नहीं है

इतनाही नहीं आप सोचते है की Micromax,Jio,Samsung,LAVA इनके स्मार्टफोन Made inIndia होते है तो आप गलत सोच रहे है क्योकि इन कंपनी के स्मार्ट फ़ोन के component भी बहार से इम्पोर्ट किये जाते है।इनकी सिर्फ Assembly इंडिया में होती है और बॉक्स पर Made in India का टैग लगाया जाता है।जिससे हमें लगता है की इनकी पूरी मैन्युफैक्चरिंग इंडिया में हुई है।  

यदि दोस्तों इंडिया इन मशीन को खरीद लेता है तो भारत  स्मार्टफोन और बाकि कम्पोनंट manufacture कर पायेगा और इम्पोर्ट में लगने वाले टैक्स और शिपिंग के पैसे भी इंडिया में ही इस्तमाल होंगे। पर ये सब आज या कल नहीं होगा उसके लिए हमें 4 से ५ साल का समय देना पड़ेगा।आगे जाकर शायद इंडियन गोवेर्मेंट इस फील्ड में पैसे इन्वेस्ट कर सकती है और कुछ स्ट्रिक्ट रूल्स भी अप्लाई कर सकती है।  

चीन के प्रोडक्ट बॉयकॉट करने के लिए हमें क्या करना होगा – how to avoid buying chinese products in india?

हम अभी से तो पूरी तरह चायनीज़ वस्तु को आयात करने पर रोक नहीं लगा सकते क्योकि भारत अभी इतने प्रोडक्ट Manufacture करने के लिए सक्षम नहीं है पर कुछ चीजे जरूर है जो हम निश्चित रूप से बॉयकॉट करके Chinese Product Boycott इस मोहिंम को एक मोड पर ले जा सकते है जिससे धीरे धीरे इंडिया की चायना पर Dependancy कम होगी और भारत आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार होगा ।

पर बाकि चीजों के लिए हमें 5 से 10 साल इंतजार करना होगा और हमें इंडिया के विकास के बारेमे सोचना पड़ेगा। क्योकि सिर्फ एक या दो दिन में इंडिया पूरी तरह डेवलप नहीं होजाएगा उसके लिए इंडियन गवर्मेंट को कुछ बड़े कदम उठाने होंगे और इन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को इंडिया में स्थापित करने लिए कुछ इन्वेस्टमेंट करनी होगी।

How to Boycott? यदि सचमे आप चायनीज़ प्रोडक्ट का बहिष्कार करना चाहते है तो सबसे पहले आपको Chinese TV,Footwear,Chiniese Cosmetics.Chinese Apps in India,Chinese Smart Phones इन चीजों का इस्तमाल करना बंद करना होगा उसकी जगह आप उनके Alternative दूसरी कंपनी की चीजो का यूज़ कर सकते है।

क्या आप जानते है की जब आप इन chinese app का इस्तमाल करते है तब आपका सारा डाटा चीन के पास होता है और चीन जब चाहे तब अपने मतलब के लिए यह डाटा इस्तमाल कर सकता है इसलिए हमें इन ऐप का इस्तमाल करना टालना होगा उसकी जगह आप उनके Alternative या इंडियन ऐप यूज़ कर सकते हो जैसे :-

Chinese Apps Alternative list in India:-

Chinese Apps Alternative list in India

Non-Chinese Smart Phone In India :-

Non-Chinese Smart Phone In India

ये लिस्ट देखने के बाद आप कहोगे की इन स्मार्ट फ़ोन में भी चायनीज़ पार्ट्स यूज़ होते है पर दोस्तों अभी हमें made in china वाले component की जगह पर चायनीज़ कंपनी के प्रोडक्ट बॉयकॉट करने है मेरा मतलब Iphone भी USA की कंपनी है USA के कैलिफ़ोर्निया में उसे डिज़ाइन किया जाता है।

पर Iphone के कही पार्ट्स दूसरे देशो में मैनूफैक्चर होते है उनमेसे एक चीन भी है तो हम Iphone को Made in China बोलके बॉयकॉट तो नहीं कर सकते।इसलिए हमें चायनीज़ कंपनी को बॉयकॉट करना है ना की मेड इन चाइना पार्ट्स से बनने वाले कम्पोनेंट का बहिष्कार करना है।

चाइना ने इंडिया में बहुत सारे इंडियन कंपनी के स्टार्टअप पर टेक्नोलॉजी,ऍप,स्मार्टफोन और बाकि इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में ६.२ बिलियन डॉलर का निवेश किया है।

इसके अलावा zomato,Swiggy,Ola,Paytm,Flipcart,Byjus यह इंडियन स्टार्टअप यूनिकॉर्न कंपनी पर चीन के कुछ कंपनी जैसे Alibaba,Tencent, Steadview Capital ने मिलियन डॉलर की इन्वेस्टमेंट की है।इन कंपनी की वजह से भारत में कही लोगो को रोजगार मिल रहा है इसलिए हम इन्हे बॉयकॉट नहीं कर सकते।पर दोस्तों जब हम यह सर्विस यूज़ करेंगे तब उनका कुछ हिस्सा इन चायनीज़ कंपनी को जाता है। इसलिए हमें ऐसी सर्विसेस का कम इस्तमाल करना चाहिए जिसपर चीन ने भारी मात्रा में निवेश किया हो।

क्योकि जिस कंपनी पर 50% से ज्यादा चायनीज़ कंपनी निवेश करती है उस कंपनी पर चीन का कण्ट्रोल होता है जिससे उन्हें प्रॉफिट के साथ साथ इंडियन यूजर का भी डाटा मिलता है जिसे चायना गवर्मेंट जब चाहे तब इस्तमाल कर सकती है।

बाकी दोस्तों अभी के लिए हम इतनाही कर सकते है पूरी तरह से चायना को बॉयकॉट करने के लिए सरकार को अपने लेवल पर काम करना होगा इंडियन गवर्मेंट चायनीज़ इम्पोर्ट पर टैक्स भी बढ़ा सकती है जिससे उस प्रोडक्ट की कीमत बढ़ जाएगी और लोग चायनीज़ सामान कम खरीदेंगे। 

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Boycott of Chinese products in India:-

तो दोस्तों में उम्मीद करता हूँ की आपको Boycott of Chinese products in India in Hindi के ऊपर यह आर्टिकल पसंद आया होगा।अब तक मैंने अपनी राय आपके सामने रखी है पर आपका क्या कहना है Boycott of Chinese products in Hindi के ऊपर और हमें चायनीज़ सामान का बहिष्कार करने लिए क्या कर सकते है यह हमें कमेंट में जरूर बताये।

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यदि आपका कोई सुझाव या कोई सवाल है तो आप कमेंट में बताये में जरूर रिप्लाई करूँगा।

पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद!

जय हिन्द।जय भारत। 

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